, Sept. 1 -- विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने तेजस्वी ने कहा कि बिहार में पुलिसिया जुल्म, फेक एनकांउटर, आंदोलनकारियों पर गोली चलाने और पत्रकारों पर सरकार के पक्ष में लिखने के लिए मजबूर किए जाने के लिए झूठे एफआईआर दर्ज करवाये जा रहे हैं और उन्हें फंसाने की नीति अपनाई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि गत 29 अगस्त को वैशाली जिला के पातेपुर के यू ट्यूब चैनल के पत्रकार कुंदन कुमार को पुलिस जुल्म और अत्याचार सहना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसा इस लिए हुआ कि पत्रकार ने बिहार सरकार के मंत्री के क्षेत्र पातेपुर के विकास और सड़क के संबंध में सच्चाई दिखाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री जब खुद हीं बेदाग नहीं हैं, तो सरकार का क्रियाकलाप कैसा होगा।
राजद नेता ने कहा कि बिहार को पुलिस स्टेट बनाने वाली कार्रवाई को वह किसी भी हाल में पूरा नहीं होने देंगे, क्योंकि सरकार की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में रौशन यादव, जगत वीर राय,मौलाना फिरोज और अन्य की जिस तरह से पुलिस हिरासत में पिटाई की गई, इससे जनता पर जुल्म और ज्यादती करने वाली सरकार की मनसा को समझा जा सकता है । उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों का पुलिस और सरकार पर से विश्वास उठ गया है ।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय यादव, पूर्व विधायक प्रेम चौधरी, शक्ति सिंह यादव, डॉ अनवर आलम, विनय कुमार यादव, राजद नेता एजाज अहमद एवं अनिल कुमार साधु सहित अन्य गणमान्य नेतागण उपस्थित थे।
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