, March 14 -- श्री प्रकाश ने कहा कि लगता है सत्ता से दूर होने के कारण श्री गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और उन्हें लगता है कि सत्ता उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने कहा कि राहुल कभी नरेंद्र मोदी, तो कभी आदिवासी महिला राष्ट्रपति के लिए अपमानजनक शब्द कहते हैं। वैसे यह कोई नई बात नहीं है। सत्य तो यह है कि जब कांग्रेस के लोग संविधान निर्माता बाबा साहेब का अपमान कर सकते हैं, तो संविधान और संसद का अपमान उनके लिए कौन सी बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें उनकी आदत से जुड़ी हैं और जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।

श्री प्रकाश ने ‎कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लोकतंत्र और संसद के नियम और कायदे की चिंता नही है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है, लेकिन विपक्ष के नेता की ऐसी तस्वीरें शर्मसार करती हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले दलित, शोषित, वंचित समाज की महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जवला के तहत 10 करोड़ से अधिक रसोई गैस कनेक्शन दिए। पहले इसी गैस के लिए लाइन लगी रहती थी।

‎ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी का मानना है कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी इसे चाय पार्टी का मंच बनाना चाहते हैं। इससे निंदनीय बात और कुछ हो ही नहीं सकती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके साथियों द्वारा किए गए इस कृत्य से लोकतंत्र की पवित्रता, मर्यादा पर चोट पहुंची है। देश और संविधान को मानने वाले लोग राहुल गांधी के इस कुकृत्य को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा आखिरी दम तक लोकतंत्र की मर्यादा के लिए संघर्ष करेगी। कानून की दृष्टि में सब बराबर हैं। राहुल गांधी से उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और सदन से माफी मांगने का आग्रह किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित