, Sept. 19 -- इस अवसर पर श्री कुशवाहा ने कहा कि 'नीतीश संवाद - जीविका के 20 साल बेमिसाल' को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सभी को पूरे उत्साह के साथ सहभागी बनना है। इस कार्यक्रम को पूरे बिहार में उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद नीतीश कुमार ने वर्ष 2006 में जीविका कार्यक्रम की शुरुआत की। इसका मूल उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक भागीदारी देना था। श्री कुशवाहा ने कहा कि आज 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बिहार की एक करोड़़ 88 लाख से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़़कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुई हैं। उन्होंने कहा कहा कि जीविका की सफलता और महिलाओं के जीवन में आए बदलाव को देखते हुए बाद में केंद्र सरकार ने इसी माॅडल को आजीविका के रूप में पूरे देश में लागू किया।
जदयू अध्यक्ष श्री कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति क्या थी, यह किसी से छिपा नहीं है। लेकिन वर्ष 2005 के बाद नीतीश कुमार ने अपने बीते 20 वर्षों के कार्यकाल में महिलाओं को न्याय, सम्मान और गरिमा दिलाने तथा उनकी उम्मीदों को नई उड़ान देने के लिए जिस प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है, उसका दूसरा उदाहरण पूरे देश में नहीं मिलता।
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