कोलकाता , अक्टूबर 29 -- पश्चिम बंगाल में एक हमले में मारे गये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मनीष शुक्ला के पिता डॉ चंद्रमणि शुक्ला ने आरोप लगाया है कि बंगाल भाजपा नेता कौस्तव बागची से जुड़े एक राजनीतिक विवाद के बाद उन्हें फोन कॉल और व्हाट्सऐप संदेशों के जरिए जान से मारने की धमकियां मिली हैं।
डॉ शुक्ला ने खरदाह थाना में शिकायत दर्ज करायी है और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी इस मामले की जानकारी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये धमकियां तब शुरू हुईं जब उन्होंने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन करके श्री बागची की आलोचना की। उनके अनुसार अपने को अरविंद पाल बताने वाले व्यक्ति ने इंटरनेट कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए उनसे संपर्क किया और दावा किया कि वह जर्मनी से बात कर रहा है।
डॉ. शुक्ला को शक है कि इन धमकियों के पीछे जर्मनी से काम करने वाला कोई व्यक्ति नहीं बल्कि स्थानीय अपराधी हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, "संदेशों में मुझ पर अपने बेटे की लाश पर राजनीति करने का आरोप लगाया गया। मुझे यह भी धमकी दी गयी कि अगर मैं पार्टी नेता संतोष सिंह के साथ जुड़ा रहा, तो मुझे जान से मार दिया जायेगा या गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।" इन धमकियों के कारण बुजुर्ग डॉक्टर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यह विवाद दो नेताओं बैरकपुर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष उत्तम दास और टीटागढ़ नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत चौधरी के भाजपा में शामिल होने की संभावना को लेकर शुरू हुआ है। हाल ही में इन दोनों को भाजपा के मंच पर देखा गया था, जिसकी बागची ने आलोचना की थी।
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