राजनांदगांव , जुलाई 31 -- छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राजनांदगांव जिले की शिवनाथ नदी उफान पर है। वहीं मोगरा बैराज के लबालब होने के कारण इसके सात गेट खोलकर 11 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है जिससे शिवनाथ नदी और उससे जुड़े तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

मोगरा बैराज में भारी आवक के बाद 24 घंटे के भीतर जलस्तर 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा घुमरिया बैराज से भी 1650 क्यूसेक, सूखा नाला बैराज से 4200 क्यूसेक और अन्य स्रोतों से भी पानी छोड़े जाने के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से इसके आसपास के कई एनीकट डूब चुके हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है।

शुक्रवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस आपदा या जलभराव की स्थिति में फिलहाल किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है।

जिला प्रशासन ने नदी के तट पर बसे गांवों में लगातार मुनादी करवा दी है ताकि ग्रामीण सतर्क रहें। लोगों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे उफनती नदी के करीब या एनीकट/पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।

बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए निचले इलाकों में रात-रात भर निगरानी रखी जा रही है। विशेषकर गांवों में जलभराव से बचाव और राहत कार्यों के लिए पंचायत स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी (अगले 24 घंटों में भारी बारिश) को देखते हुए आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

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