राजनांदगांव , मई 19 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बसंतपुर क्षेत्र में कुष्ठ पीड़ितों और मानव सेवा के उद्देश्य से रियासत काल में दान की गई भूमि पर अवैध पेड़ कटाई, मुरूम खनन और कब्जे के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय नागरिकों ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव परवीन मेश्राम के मार्गदर्शन तथा पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मानव सेवा और कुष्ठ रोगियों के कल्याण के लिए दान की गई भूमि पर भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार उक्त भूमि पर सागौन, इमली, बरगद और कौहा सहित बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है। साथ ही अवैध रूप से मुरूम खनन कर तालाब का निर्माण किया गया, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
मामले में कथित "अमेरिका कनेक्शन" का भी उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित संस्था के संचालक वर्तमान में अमेरिका में रह रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर सत्तारूढ़ दल के नेताओं के संरक्षण में अवैध गतिविधियां संचालित होने की चर्चाएं हैं। कांग्रेस ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने कहा कि दान की गई भूमि पर हो रही अवैध गतिविधियां मानवता, पर्यावरण और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान चला रही है, जबकि दूसरी ओर सैकड़ों पेड़ों की कटाई हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि पूर्व सूचना देने के बावजूद कलेक्टर ने मुलाकात नहीं की और अपर कलेक्टर से मिलने को कहा गया। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद वन एवं राजस्व विभाग की टीम मौके पर जांच के लिए पहुंची है।
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