राजनांदगांव , अक्टूबर 18 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गौरीनगर क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं का वध कर मांस बेचने के मामले में पुलिस ने एक अपचारी बालक सहित कुल 11 आरोपियों को पकड़ा है। चिखली पुलिस चौकी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। इस बीच स्थानीय नागरिकों और हिंदू संगठनों ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार, गौरीनगर स्थित शीतला तालाब के समीप 14 अक्टूबर को गाय का कटा हुआ सिर मिलने की शिकायत चिखली पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 12 अक्टूबर को भी गौरीनगर के निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास इसी तरह गाय का कटा हुआ सिर बरामद हुआ था। नवरात्रि पर्व के दौरान सामने आई इन घटनाओं से क्षेत्र में तनाव और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष जांच दल गठित किए गए। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। इसके आधार पर पुलिस ने अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, उसकी पत्नी और बेटी को संदेह के आधार पर चिह्नित किया।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गोवंशीय पशुओं का वध कर मांस बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक आरोपी रात के समय सड़कों पर बैठे मवेशियों को अपने घर ले जाते थे, जहां उनका वध करने के बाद मांस की बिक्री की जाती थी। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और एक स्कूटी बरामद की गई है।

पुलिस ने इस मामले में अब्दुल अलीम उर्फ कनवा (39 वर्ष), हाल निवास गौरीनगर, चौकी चिखली (मूल निवासी नागपुर, महाराष्ट्र), अंजुम बेगम (35 वर्ष), पति अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, सलमान खान (19 वर्ष), निवासी गौरीनगर, चिखली, मोहम्मद साकिर खान (20 वर्ष), निवासी गौरीनगर, चिखली, मोईन गौरी (35 वर्ष), निवासी स्टेशनपारा, चिखली और आरिफ कुरैशी (39 वर्ष), निवासी कसाईपारा, राजनांदगांव को गिरफ्तार किया है।

इसके अलावा सलिम अख्तर (42 वर्ष), निवासी गौरीनगर, चिखली, सैय्यद नदीम (38 वर्ष), निवासी स्टेशनपारा, चिखली, मोहम्मद सिराज (46 वर्ष), निवासी शंकरपुर, चिखली और मोहम्मद तौहिद रजा खान (28 वर्ष), निवासी गौरीनगर, चिखली को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में एक अपचारी बालक भी शामिल है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 नग सुत्ता, 01 नग संटी और एक स्कूटी जब्त की है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है।

इधर, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय नागरिकों और हिंदू संगठनों ने पुलिस की शुरुआती भूमिका पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका आरोप है कि घटनाओं की जानकारी मिलने के बावजूद पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई। इसके चलते लोगों को विरोध प्रदर्शन और थाने का घेराव करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 16 अक्टूबर को आक्रोशित नागरिकों ने सिटी कोतवाली थाने का घेराव करने के साथ चक्काजाम भी किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि व्यापक विरोध और दबाव बनने के बाद ही पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज की।

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