राजनांदगांव , अगस्त 30 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में करीब तीन साल से अधूरे पड़े गौरीनगर भूमिगत पुल के समीप लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से 45 वर्षीय सफाई कर्मी संतोष सोनवाने की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाते हुए रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं।

इस घटना के बार में आज जानकारी प्राप्त हुई। यह घटना शुक्रवार को अपराह्न करीब ढाई बजे घटित हुई। मृतक की पत्नी दुलारी सोनवाने ने बताया कि उनके पति पुल के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे पास में बने गहरे गड्ढे में गिर गए। गड्ढे में काफी पानी भरा हुआ था, जिससे डूबने के कारण उनकी मौत हो गयी।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। संतोष सोनवाने मेडिकल कॉलेज पेंड्री में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थे और परिवार में कमाने वाले अकेले सदस्य थे। परिवार में उनकी पत्नी दुलारी सोनवाने के अलावा छह बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी और पांच बेटे शामिल हैं। परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा है। संतोष की मौत के बाद परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

परिजनों के अनुसार परिवार करीब 15 बाई 15 फीट की झोपड़ी में रहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान पाने के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें आवास नहीं मिल सका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गौरीनगर पुल का निर्माण करीब तीन साल से अधूरा पड़ा है। निर्माण स्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और आबादी होने के बावजूद लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गये। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद रेलवे का कोई अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा।

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