राजनांदगांव , मार्च 17 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की साइबर सेल और डोंगरगांव पुलिस ने ऑनलाइन निवेश ठगी मामले में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए पीड़ित को 85 लाख रुपये से अधिक की राशि वापस दिलाई है,जिसकी जानकारी पुलिस ने मंगलवार को दी । जिले के साइबर अपराध इतिहास में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी रकम एक साथ रिकवर कर पीड़ित को लौटाई गई है।

पुलिस के अनुसार, डोंगरगांव निवासी विपिन कुमार गोस्वामी को 'पॉलीस फाइनेंस लिमिटेड' नामक कथित निवेश प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने झांसे में लिया। आरोपियों ने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से उनसे कुल 1,14,52,000 रुपये की ठगी की।

शिकायत के बाद थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमांक 15/2026 के तहत बीएनएस एवं आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल ने बैंक ट्रांजेक्शन का गहन विश्लेषण करते हुए 397 संदिग्ध खातों की पहचान कर उन्हें तत्काल पोर्टल के माध्यम से होल्ड कराया।

जांच के दौरान पुलिस टीम को मुंबई (महाराष्ट्र) भी भेजा गया। लगातार प्रयासों के चलते कुल 1.03 करोड़ रुयपे की राशि विभिन्न खातों में फ्रीज कराई गई।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यालय के आदेशानुसार 85,00,031 रुपये की राशि पीड़ित के खाते में वापस स्थानांतरित कर दी गई।

इस कार्रवाई में डीएसपी अलेक्जेंडर किरो, प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह, निरीक्षक विनय पम्मार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर तथा साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पीड़ित ने पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है।

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