राजनांदगांव , जुलाई 22 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण नवजात की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल के सिविल सर्जन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।

प्रशासनिक जांच में बुधवार को सामने आए तथ्यों के अनुसार, शहर के समीप स्थित टोलागांव निवासी कविता मांडवी को सोमवार देर रात करीब ढाई बजे प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल के मातृ-शिशु अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती के बाद महिला का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। परिजनों को बताया गया कि जांच रिपोर्ट सुबह करीब 10 बजे उपलब्ध होगी लेकिन निर्धारित समय पर रिपोर्ट तैयार नहीं होने के कारण उन्हें रिपोर्ट नहीं दी जा सकी।

इस बीच प्रसव पीड़ा बढ़ने से गर्भवती की स्थिति लगातार गंभीर होती गई। परिजनों ने चिकित्सकों से तत्काल ऑपरेशन करने का आग्रह किया लेकिन उन्हें बताया गया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही शल्यक्रिया की जाएगी। बाद में महिला की हालत अधिक बिगड़ने पर उसे तत्काल ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, जहां ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले बच्चे की दिल की धडकन (हार्टबीट) सामान्य थी लेकिन ऑपरेशन में हुई देरी के कारण नवजात की जान चली गई। उन्होंने इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्टाफ की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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