राजनांदगांव , अक्टूबर 18 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में गोवंश हत्या और उसके अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे एक मुख्य आरोपी सहित तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गोमांस खरीदने की आरोपी दो महिलाएं शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो गई है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। वहीं, नगर निगम प्रशासन ने मामले के एक अन्य आरोपी के अवैध कब्जे वाली दुकान और ठेले को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है।
पुलिस से आज देर शाम मिली जानकारी के अनुसार शहर के गौरीनगर स्थित शीतला तालाब और निर्माणाधीन अंडरब्रिज के समीप पिछले दिनों गोवंश के कटे हुए सिर और अन्य अवशेष मिलने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिखली चौकी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई में 10 आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा था। इसके बाद फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने रविवार को बताया कि विशेष टीम ने नागपुर के शिवनगर निवासी एजाज अहमद उर्फ कसाई उर्फ वकील अंसारी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया। इसके अलावा गौरीनगर निवासी खैरून निशा और नसीमा बेगम उर्फ रानी को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों महिलाओं पर गोमांस खरीदने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में तीनों आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की है। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस बीच नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मामले के आरोपी आरिफ कुरैशी के अवैध कब्जे वाली दुकान और ठेले को बुलडोजर से हटा दिया। प्रशासन के अनुसार, उक्त स्थान पर कथित रूप से गोमांस बेचने की शिकायत मिली थी।
घटना के बाद महापौर मधुसूदन यादव और स्थानीय पार्षद हफीज खान भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने आक्रोशित नागरिकों से बातचीत कर मामले में नियमानुसार कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध गोवंश हत्या, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, आयुध अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इसके साथ ही आरोपियों की कथित अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
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