राजनांदगांव , मई 21 -- छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय व्यापारी महाधिवेशन में गुरुवार को प्रदेश के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने राजनांदगांव को औद्योगिक राजधानी का प्रमुख हब बनाने की घोषणा की।
महाधिवेशन को संबोधित करते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र के विकास कार्यों की स्वीकृतियों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक व्यवस्था पूरी तरह अर्थव्यवस्था पर आधारित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत विश्व की 10वीं सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।
उन्होंने आर्थिक वृद्धि का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि अर्थव्यवस्था 12 प्रतिशत की गति से बढ़ती है और मुद्रास्फीति पांच से आठ प्रतिशत के बीच रहती है, तो 24 वर्षों में अर्थव्यवस्था आठ गुना तक बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति व्यापारियों के लिए नए अवसर लेकर आई है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था पर बोलते हुए श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे, जिन्हें समाप्त कर 'एक देश, एक टैक्स' व्यवस्था लागू की गई। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी जीएसटी के नाम पर व्यापारियों का शोषण करता है तो इसकी शिकायत सीधे शासन से की जाए। ऐसे मामलों में एसीबी के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग कर रहा है, जिसके माध्यम से केवल रेड अलर्ट वाले संदिग्ध मामलों की जांच की जाएगी ताकि ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
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