नयी दिल्ली , अक्टूबर 29 -- समकालीन कला को समर्पित चार कलाकारों की सामूहिक प्रदर्शनी 'थ्रेशोल्ड ऑफ ट्रेसेज़: स्टिच्ड विद एन एम्बर थ्रेड' ने राजधानी के कला प्रेमियों को खूब आकर्षित किया।
इसका आयोजन मंच आर्टकृति ने 25 से 29 अक्टूबर तक इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित विजुअल आर्ट गैलरी में आयोजित किया। प्रदर्शनी में चार समकालीन कलाकारों सिद्धार्थ झरिया, सौमिक नाग, सोनिया सरीन और गौरव चावला की कलाकृतियां प्रस्तुत की गयी हैं। ये कलाकार फिगरेटिव पेंटिंग, प्राकृतिक दृश्यों, मूर्तिकला और अमूर्त कला जैसी अलग-अलग विधाओं के माध्यम से जीवन में आने वाले बदलावों, संघर्षों, मानवीय संवेदनाओं और उम्मीद की अभिव्यक्ति करते हैं।
यह प्रदर्शनी कला की विभिन्न शैलियों को अलग-अलग रूपों में देखने के बजाय उन्हें जीवन के संघर्ष और अस्तित्व की एक साझा यात्रा के रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें उस स्थिति को समझने का प्रयास किया गया है, जहां मानव आकृति धीरे-धीरे प्राकृतिक दृश्य में बदलती दिखायी देती है या जहां धरती की संरचना भावनाओं की अमूर्त अभिव्यक्ति का रूप ले लेती है।
प्रदर्शनी का मुख्य संदेश है कि आशा केवल कोमल या शांत भावना नहीं होती, बल्कि कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करके हासिल की गयी एक मजबूत शक्ति भी हो सकती है। प्रदर्शनी का शीर्षक 'थ्रेशोल्ड' यानी दहलीज, एक ऐसी अवस्था का प्रतीक है जहां कोई चीज अपने पुराने स्वरूप से निकलकर नये रूप की ओर बढ़ रही होती है। वहीं 'ट्रेस' यानी निशान, उन अनुभवों और बदलावों की छाप को दर्शाता है जो समय के साथ हमारे भीतर और आसपास रह जाते हैं।
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