नयी दिल्ली , अगस्त 31 -- वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीने में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 4.55 लाख करोड़ रुपये रहा जो पूरे साल के बजट अनुमान का करीब 27 प्रतिशत है।

वित्त मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान केंद्र सरकार की कुल प्राप्तियां 13.07 लाख करोड़ रुपये (पूरे साल के बजट अनुमान का 35.8 प्रतिशत) और कुल व्यय 17.62 लाख करोड़ रुपये (पूरे साल के बजट अनुमान का 32.9 प्रतिशत) रहा। इस प्रकार राजकोषीय घाटा 4.55 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 16.96 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है जो पूरे वित्त वर्ष के कुल अनुमानित बजट का 4.3 प्रतिशत है।

प्राप्तियों में कर राजस्व का योगदान 8.45 लाख करोड़ रुपये, गैर-कर राजस्व का 4.23 लाख करोड़ रुपये और ऋण से इतर पूंजी प्राप्तियों का योगदान 39.14 हजार करोड़ रुपये रहा।

केंद्र सरकार ने इन चार महीनों में राज्यों को कर में उनकी हिस्सेदारी के मद में 3.72 लाख करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया है। यह पिछले साल की तुलना में 56.19 हजार करोड़ रुपये कम है।

वहीं, कुल व्यय में 13.11 लाख करोड़ रुपये राजस्व खाते पर और 4.51 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खाते पर खर्च हुए। राजस्व खाते में हुए व्यय में करीब एक-तिहाई पैसा ऋण पर ब्याज भुगतान के मद में खर्च हुआ। इस मद में 4.27 लाख करोड़ रुपये खर्च किये गये। साथ ही, महत्वपूर्ण सब्सिडियों पर 1.54 करोड़ रुपये खर्च किये गये।

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