मुरैना , अगस्त 28 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर और मेहनत को बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। मुरैना में आयोजित चार दिवसीय आजीविका राखी मेले ने महिलाओं को अपने उत्पादों और हुनर को बाजार तक पहुंचाने का अवसर दिया। तहसील कैलारस की ग्राम पंचायत मानपुर निवासी एवं बजरंग बाबा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती प्रेमा बघेल ने मेले में नाश्ते की दुकान लगाकर चार दिनों में 19 हजार 500 रुपये की बिक्री की।
श्रीमती बघेल ने बताया कि मेले के पहले दिन पांच हजार 500 रुपये, दूसरे दिन तीन हजार रुपये, तीसरे दिन चार हजार रुपये और अंतिम दिन करीब सात हजार रुपये की बिक्री हुई। इस आय से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई और परिवार की आय में योगदान का नया रास्ता तैयार हुआ।
आजीविका राखी मेले में जिले के सभी सात विकासखंडों के 34 ग्रामों के 78 स्व-सहायता समूहों की 415 समूह दीदियों ने सहभागिता की। समूहों ने करीब नौ लाख 89 हजार रुपये मूल्य की राखियां तैयार कीं, जिनसे लगभग तीन लाख 65 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। मेले के दौरान राखियों और अन्य उत्पादों की कुल चार लाख 78 हजार 900 रुपये की बिक्री हुई।
मेले ने प्रेमा बघेल जैसी अनेक ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर दिया। महिलाओं का कहना है कि बाजार और प्रोत्साहन मिलने से वे अपने हुनर के जरिए परिवार की आय बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भरता की राह भी मजबूत कर सकती हैं।
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