मुंबई , अगस्त 30 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी की 'दिन-दहाड़े हुई लूट' और बड़े पैमाने पर प्रशासनिक विफलता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि असली राकांपा हमेशा से ही पार्टी प्रमुख शरद पवार के साथ जुड़ी रही है, चाहे विधायकों की संख्या कुछ भी हो।

श्रीमती सुले ने रविवार को कई अहम राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बात करते हुए राज्य सरकार के कामकाज की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मराठा आरक्षण आंदोलन से लेकर अनाज में बड़े पैमाने पर मिलावट जैसे अहम संकटों से निपटने के सरकार के तरीकों पर सवाल उठाये। वहीं उच्चतम न्यायालय में चल रही कानूनी लड़ाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राकांपा की स्थापना श्री पवार ने दशकों तक ज़मीनी स्तर पर काम करके की थी, लेकिन पार्टी का चुनाव चिह्न और पहचान धोखे से छीन ली गयी।

श्रीमती सुले ने पार्टी में पड़ी फूट के मुद्दे पर कहा, "अगर आप रात में किसी के घर में घुस जाएं और प्रॉपर्टी के कागज़ात में हेराफेरी करके अपना नाम लिखवा लें, तो वह कानूनी तौर पर आपका घर नहीं बन जाता।"उन्होंने कहा कि कि पार्टी के संविधान के कड़े नियमों के तहत, पार्टी के बुनियादी ढांचे, असली कागज़ात और ज़िला-स्तरीय संगठन की तुलना में ज़्यादातर सांसदों या विधायकों का पाला बदलना कम अहमियत रखता है। उन्होंने कहा, "चुने हुए प्रतिनिधियों की संख्या कुछ समय के लिए सच्चाई को धुंधला कर सकती है, लेकिन कागज़ों पर और हमारे संविधान के अनुसार राकांपा कल भी श्री पवार की थी और आज भी उन्हीं की है।" उन्होंने शीर्ष अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई करने की अपील की।

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