मुंबई , जुलाई 15 -- संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विवादित परिसीमन विधेयक का समर्थन करने के संकेत से राजनीतिक माहौल में हलचल सी मच गयी है।

विवादित परिसीमन विधेयक पर विपक्ष के रुख को बदलने वाले इस कदम में पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुप्रिया सुले ने संकेत दिया है कि पार्टी सरकार के प्रस्ताव का सशर्त समर्थन कर सकती है। इस संभावित सहमति का मुख्य आधार एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है, जिसमें लोकसभा सीटों के विस्तार शामिल है।

श्रीमती सुले ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक का समर्थन करने पर विचार करेगी, यदि इसमें सभी राज्यों में लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की कुल संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान शामिल हो। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सदन की वर्तमान सदस्य संख्या को 543 से बढ़ाकर 816 करना है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान चर्चा का एक प्रमुख विषय था। सरकार का लंबे समय से यह मानना रहा है कि मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या कम किए बिना महिलाओं के आरक्षण को लागू करने के साथ-साथ जनसंख्या संबंधी बदलावों और शहरी विकास को समायोजित करने के लिए यह विस्तार आवश्यक है।

राकांपा(एसपी) के 'सशर्त' संकेत के बावजूद विपक्षी खेमा बंटा हुआ है। जहां कुछ नेता 50 प्रतिशत की वृद्धि को व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एक व्यावहारिक समझौता मानते हैं। वहीं अन्य सरकार की दीर्घकालिक विधायी रणनीति को लेकर आशंकित हैं। राकांपा सांसद बजरंग सोनवणे ने कहा कि पार्टी हालांकि सकारात्मक एवं सुधार-उन्मुख रुख अपना रही है, लेकिन अंतिम और बाध्यकारी निर्णय संसद में औपचारिक मसौदा पेश किये जाने और पार्टी नेतृत्व द्वारा आंतरिक रूप से विचार-विमर्श किये जाने के बाद ही लिया जायेगा।

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