मुंबई , अगस्त 01 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता एवं सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री अमित शाह के पुणे दौरे में संभावित विरोध-प्रदर्शनों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चेतावनी का जवाब देते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला।

इससे पहले भाजपा ने चेतावनी दी थी कि श्री शाह के पुणे दौरे में अव्यवस्था या उपद्रव पैदा करने की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा। इसके बाद श्री राउत की यह टिप्पणी आयी है।

श्री राउत ने यहां पत्रकारों से कहा कि विपक्षी दलों को विरोध-प्रदर्शन करने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री के दौरे में किसी भी तरह की बाधा डालने पर 'ईंट का जवाब पत्थर से देने' की भाजपा की चेतावनी को खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा पर बोलने का भाजपा के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है और दावा किया कि सत्ताधारी दल के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री पर कई तीखे कटाक्ष करते हुए श्री राउत ने संकेत दिया कि भाजपा नेतृत्व को 2029 के आम चुनावों से काफी पहले ही राजनीतिक झटकों का सामना करना पड़ेगा।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह के आयोजकों की भी आलोचना की और इस कार्यक्रम से तिलक परिवार के जुड़ाव पर सवाल उठाये। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रवादी नेता की विरासत को उन लोगों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए जिनके कार्य, उनकी राय में, तिलक के आदर्शों के विपरीत थे।

श्री शाह के पुणे दौरे के लिए किये गये कड़े सुरक्षा इंतजामों पर टिप्पणी करते हुए श्री राउत ने सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि इतने बड़े पैमाने पर किये गये इंतजाम उनकी असुरक्षा की भावना को दर्शाते हैं।

उन्होंने एक हालिया वीडियो संदेश को लेकर प्रधानमंत्री की भी आलोचना की।

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