मुंबई , फरवरी 16 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सोमवार को टीपू सुल्तान के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) की आलोचना की और भाजपा को उसके पुराने रुख की याद दिलाते हुए कहा कि दूसरों पर हमला करने से पहले उसे 18वीं सदी के मैसूर के शासक पर अपने पुराने रुख की समीक्षा करनी चाहिए।
श्री राउत का यह बयान महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किये जाने पर भाजपा के विरोध जताने की पृष्ठभूमि में आया है।
श्री राउत ने अपने बयान में कहा कि भाजपा ने हालांकि श्री सपकाल के बयान का कड़ा विरोध किया है, लेकिन पार्टी को पहले उस रुख की जांच करनी चाहिए, जो उसने पहले टीपू सुल्तान के संबंध में अपनाया था। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कर्नाटक दौरे पर टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अतीत में भाजपा शासित कई नगर निकायों ने टीपू सुल्तान के नाम पर परियोजनाएं शुरू की थीं।
भाजपा पर बेवजह विवाद पैदा करने का आरोप लगाते हुए श्री राउत ने आरोप लगाया कि जहां भी संभव हो भाजपा हिंदू-मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश करती है। उन्होंने सवाल किया, "वर्तमान में राज्य में कोई चुनाव नहीं हैं, फिर ऐसा हंगामा क्यों खड़ा किया जा रहा है?" उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी आम नागरिकों, मजदूरों, छात्रों और गरीबों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन नहीं किया, लेकिन ऐतिहासिक पात्रों पर विवाद खड़ा कर देती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित