मुंबई , जुलाई 19 -- महाराष्ट्र के सियासी अखाड़े में जारी जुबानी जंग और तेज करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

मौजूदा शासन की तुलना 'तानाशाही' से करते हुए उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर 'राजनीतिक शृंखलाबद्ध हत्या' में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार का अस्तित्व लोकतांत्रिक ताने-बाने को नष्ट करने पर टिका है।

श्री राउत ने अपने बयानों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को निशाना बनाते हुए उनके नैतिक अधिकार के दावों को खारिज कर दिया। श्री शिंदे के नेतृत्व वाले गुट की वैधता पर सवाल उठाते हुए श्री राउत ने कहा, "दाढ़ी रखने से कोई आचार्य विनोबा भावे नहीं बन जाता।"उन्होंने अपने उन आरोपों को फिर दोहराया कि श्री उद्धव ठाकरे के खेमे से बगावत करने वाले छह विधायकों को '50-50 करोड़ रुपये में खरीदा गया' था। उन्होंने इस कदम को गद्दारी करार दिया और इस बात पर जोर दिया कि जनादेश श्री ठाकरे और 'मशाल' चुनाव चिह्न के लिए था, न कि भाजपा के साथ जुड़े मौजूदा शिवसेना गुट के लिए।

श्री राउत ने दावा किया कि श्री शिंदे ने 'श्री अमित शाह के पैरों में अपनी नैतिकता गिरवी रख दी है।' श्री राउत ने कहा कि समाज की नजर में बागियों को शिंदे गुट में शामिल करना 'हत्या या हमले जैसे संगीन जुर्म के बराबर' है।

इसके अलावा श्री राउत ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ किये गये बर्ताव की कड़ी निंदा की, जिन्हें हाल ही में अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था। उन्होंने सरकार के इस कदम को एक डरी हुई और तानाशाह हुकूमत की निशानी बताया।

श्री राउत ने छात्रों के लिए बलिदान देने के श्री वांगचुक के जज्बे की तारीफ की। उन्होंने बातचीत के बजाय पुलिस के दम पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश करने के लिए सरकार की आलोचना की।

उन्होंने छात्रों की खुदकुशी और व्यवस्था की नाकामियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दलील दी कि सत्ताधारी दल का यह 'कायराना' बर्ताव सत्ता खोने के डर से पैदा हुआ है।

श्री राउत ने सत्ताधारी दल पर देश भर में असहमति की आवाज दबाने और राम मंदिर मामले से जुड़े प्रमुख लोगों को बचाने का आरोप लगाया। सत्ताधारी गठबंधन को महज 'अंग्रेजों के जमाने का मुखबिर' बताते हुए उन्होंने एलान किया कि उनकी पार्टी सोमवार को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध मार्च में शामिल होगी।

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