रांची , सितंबर 08 -- झारखंड के रांची विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।

इस बार समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए कुल 71 गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे। इनमें विश्वविद्यालय के 58 गोल्ड मेडल और 13 स्पॉन्सर गोल्ड मेडल शामिल हैं। खास बात यह है कि 58 गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 44 छात्राएं और केवल 14 छात्र शामिल हैं। इस प्रकार गोल्ड मेडल हासिल करने वाली छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में तीन गुना से अधिक है।

रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज कुमार शर्मा और परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीक्षांत समारोह की तैयारियों, पुरस्कारों और कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी।

दीक्षांत समारोह में दो विशिष्ट शिक्षाविदों को मानद उपाधि डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट) से सम्मानित किया जाएगा। इनमें आईआईएम कोलकाता के निदेशक प्रो. आलोक राय तथा एनईपीए की कुलपति प्रो. शशिकला शामिल हैं।

समारोह में विभिन्न संकायों और पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां भी प्रदान की जाएंगी। मास्टर ऑफ आर्ट्स (ह्यूमैनिटीज) के 15, सोशल साइंस के नौ और प्रोफेशनल कोर्स के 12 विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा मास्टर ऑफ कॉमर्स के एक, मास्टर ऑफ साइंस के छह तथा प्रोफेशनल कोर्स के चार विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं एमबीए, एमसीए और मास्टर ऑफ लॉ के एक-एक विद्यार्थी को भी डिग्री प्रदान की जाएगी।

विश्वविद्यालय की ओर से उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न विशेष श्रेणियों में भी सम्मानित किया जाएगा। ओवरऑल बेस्ट मास्टर डिग्री (जनरल कोर्स) और ओवरऑल बेस्ट मास्टर डिग्री (प्रोफेशनल कोर्स) के लिए एक-एक विद्यार्थी का चयन किया गया है। एमबीबीएस, लॉ, एजुकेशन, बीबीए, एलएलबी और बीडीएस में एक-एक विद्यार्थी को बेस्ट ग्रेजुएट के सम्मान से नवाजा जाएगा। वहीं एमडी/एमएस के दो विद्यार्थियों को ओवरऑल गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

इस बार दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्यपाल विद्यार्थियों को डिग्री और गोल्ड मेडल प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की व्यवस्थाओं और कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

दीक्षांत समारोह के आयोजन में इस वर्ष बजट में भी कटौती की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले आयोजित सिंडिकेट की महत्वपूर्ण बैठक में समारोह के खर्च के बजट को मंजूरी दी गई। पिछले सत्र में जहां कन्वोकेशन पर करीब 52 लाख रुपये खर्च किए गए थे, वहीं इस बार 45 लाख 50 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि वास्तविक खर्च इससे भी कम रहने की संभावना है।

समारोह में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है। विद्यार्थी पारंपरिक परिधान में दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इसके माध्यम से समारोह की गरिमा के साथ भारतीय परंपरा और संस्कृति को भी विशेष महत्व देने का प्रयास किया जा रहा है।

कुलपति प्रो. सरोज कुमार शर्मा और परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के परिश्रम, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री, गोल्ड मेडल और विभिन्न श्रेणियों के पुरस्कारों के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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