रांची , अप्रैल 08 -- झारखंड की राजधानी रांची में रामनवमी, सरहुल एवं ईद जैसे प्रमुख पर्वों को शहर में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में योगदान देने वाले शांति दूतों के सम्मान में जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष रात्रि भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में रांची जिला शांति समिति के सदस्यों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।
बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने अपने-अपने विचार रखते हुए शहर में भाईचारा, आपसी सहयोग और शांति बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। इस अवसर पर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भंजन्त्री भी अपने संबोधन में सभी शांति दूतों और सामाजिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रांची जैसे बड़े शहर में सभी समुदायों का सहयोग ही शांति और व्यवस्था बनाए रखने की सबसे बड़ी ताकत है।
इस कार्यक्रम में श्री महावीर मंडल रांची महानगर के पदाधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर मंडल के पदाधिकारियों द्वारा रांची जिला प्रशासन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मंडल के संयोजक डॉ. दिलीप सोनी ने कहा कि रांची की पहचान हमेशा से भाईचारे और आपसी सद्भाव की रही है। सभी समाजों के सहयोग से ही रामनवमी, सरहुल और ईद जैसे पर्व शांति और उल्लास के साथ संपन्न होते हैं, और आगे भी इसी तरह सभी मिलकर शहर में शांति का संदेश देते रहेंगे।
वहीं उपाध्यक्ष रोहित शारदा ने कहा कि पर्व-त्योहार समाज को जोड़ने का माध्यम होते हैं। रांची में सभी समुदायों ने जिस तरह आपसी सहयोग और समझदारी का परिचय दिया है, वह पूरे राज्य के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।
प्रवक्ता बादल सिंह ने भी कहा कि समाज के सभी वर्गों और प्रशासन के बेहतर समन्वय के कारण ही रांची में हर पर्व सौहार्द और शांति के साथ मनाया जाता है। भविष्य में भी सभी संगठनों और प्रशासन के बीच इसी तरह का सहयोग बना रहेगा।
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