रांची , अक्टूबर 26 -- झारखंड की राजधानी रांची के मांडर स्थित ऐतिहासिक 40 पड़हा मुड़मा जतरा मेला की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर की रात से मेले की शुरुआत होगी।

वहीं, बुधवार, 28 अक्टूबर को दिन में भी मेले में श्रद्धालुओं और लोगों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। मेले को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और मेला परिसर में चहल-पहल बढ़ गई है।

मेले को लेकर परिसर में दुकानों को सजाने और मनोरंजन के साधनों को व्यवस्थित करने का काम तेजी से चल रहा है। इस वर्ष मेले में मिठाइयों की आकर्षक दुकानें, खाने-पीने के विभिन्न स्टॉल और जरूरत के सामानों की दुकानें सजाई गई हैं। इसके अलावा बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के झूले भी लगाए गए हैं। दुकानदार अपने-अपने स्टॉल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी हो सकें।

आयोजकों और दुकानदारों को उम्मीद है कि मंगलवार रात तक मेले की अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। मेले में दूर-दराज के इलाकों से लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दुकानदार भी अच्छी बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं।

मुड़मा जतरा मेला झारखंड की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। ऐतिहासिक 40 पड़हा से जुड़ा यह जतरा अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। हर वर्ष इस मेले में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। मेले में पारंपरिक आस्था के साथ खरीदारी और मनोरंजन का भी विशेष आकर्षण रहता है।

इस बार भी मेले को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मंगलवार की रात से शुरू होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। मेले की तैयारियां अंतिम चरण में होने के साथ ही अब सभी की निगाहें इसके शुभारंभ पर टिकी हैं।

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