रांची , अगस्त 28 -- झारखंड की राजधानी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीर देखने को मिली।
सुबह होते ही जेल के बाहर बहनों की भीड़ जुटने लगी। किसी के हाथ में रंग-बिरंगी राखी थी तो किसी के हाथ में मिठाई का डिब्बा। सभी के चेहरे पर भाई से मिलने की खुशी और उसकी कलाई पर राखी बांधने की चाहत साफ नजर आ रही थी।
जेल प्रशासन के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन तीन हजार से अधिक बहनों ने अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। राज्य के विभिन्न जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बहनें अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं। कई बहनों ने लंबा सफर तय किया, लेकिन भाई से मिलने की खुशी के आगे यात्रा की थकान कम महसूस हुई।
मुलाकात के दौरान किसी बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधी, तो किसी ने मिठाई खिलाकर उसके स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना की। कई बहनों ने अपने भाइयों के साथ कुछ पल बैठकर बातचीत की और उनका हालचाल जाना। बहनों ने कहा कि रक्षाबंधन के दिन उनके लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि भाई की कलाई राखी से सूनी न रहे। उन्होंने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की कामना की।
रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन की ओर से भी विशेष व्यवस्था की गयी थी। सुरक्षा जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बहनों को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने बंदी भाइयों से मुलाकात करने और राखी बांधने का अवसर दिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।
जेलर लवकुश कुमार ने बताया कि सुबह से ही बहनों के पहुंचने और राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया था। अलग-अलग क्षेत्रों से लगातार बहनें जेल पहुंचती रहीं और देर शाम तक मुलाकात का क्रम जारी रहा।
हर वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर रांची जेल प्रशासन की ओर से बंदियों की बहनों के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की जाती है। इस दौरान जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच भी भाई-बहन के रिश्ते की गर्माहट और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला।
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