राँची , मई 29 -- झारखंड की राजधानमी रांची में जे०एम० इंस्टीच्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग एवं आर०डी०जे०एम० मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के संपोषित "जे० एम० आटिज्म एवं न्यूरो रिहैब सेंटर" का आज उद्घाटन हुआ।
यह केंद्र ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, स्पीच एवं लैंग्वेज डिसऑर्डर, बौद्धिक दिव्यांगता, श्रवण बाधिता तथा अन्य न्यूरो-डेवलपमेंटल समस्याओं से ग्रसित बच्चों एवं वयस्कों के समग्र उपचार, पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा के लिए समर्पित है।
जे० एम० आटिज्म एवं न्यूरो रिहैब सेंटर का उद्घाटन डॉ. मनोज कुमार पूर्व मुख्य आयुक्त, दिव्यांगजन, भारत सरकार और जे० एम० इंन्स्टीच्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग एवं आर० डी० जे० एम० मेडिकल कॉलेज & हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर के संस्थापक एवं वीरेंद्र प्रधान, शहर के प्रतिष्ठित व्यावसायिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर सूर्य विजय प्रधान, आदित्य विजय प्रधान, डॉ. अनिल कुमार सिन्हा एवं अन्य मुख्य अतिथि मौजूद थे।
श्री प्रधान ने अपने वक्तव्य में संस्थान के इस पहल का स्वागत किया और लोगों को इन बीमारियों एवं दिव्यांगता उत्पन्न करने वाले लक्षणों की त्वरित पहचान कर इस संस्थान में चिकित्सा तथा मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।
समारोह की अध्यक्षता डॉ. मनीषा कुमारी के द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि यह केंद्र झारखंड एवं आसपास के क्षेत्रों में दिव्यांगजन एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। यहां आधुनिक तकनीकों, प्रशिक्षित विशेषज्ञों एवं बहुविषयक पुनर्वास चिकित्सा विशेषज्ञ की टीम जिसमें स्पीच पैथोलॉजिस्ट, ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट, चिकित्सा एवं पुनर्वास मनोचिकित्सक, ऑडियोलॉजिस्ट, विशेष शिक्षा विशेषज्ञ, फिजियोलॉजिस्ट एवं मेडिकल चिकित्सक शामिल है। यह झारखंड राज्य में इस प्रकार की पहली संस्था है।
रांची के विधायक सी पी सिंह एवं समस्त अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर मंत्रोच्चार के साथ जे० एम० आटिज्म एवं न्यूरो रिहैब सेंटर का भव्य उद्घाटन किया।
मौके पर विधायक सी पी सिंह ने संस्थान के द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा की इस प्रकार के इंस्टीटूशन से रांची एवं प्रदेश की जनता को काफी लाभ होगा।
संस्थान द्वारा संचालित प्रमुख सेवाओं में - ऑडियोलॉजी एवं श्रवण पुनर्वास, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, बिहेवियर थेरेपी एवं एबीए थेरेपी , सेंसेरी इंटीग्रेशन थेरेपी, अर्ली इंटरवेंशन यूनिट, क्लिनिकल एवं रिहैब साइकोलॉजी, विशेष शिक्षा एवं समावेशी शिक्षा, इंटेलेक्चुअल इम्पेयरमेंट एवं ऑटिज्म सेवाएं।* हियरिंग एड फिटमेंट एवं डिस्पेंसिंग सेंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
संस्थान के संस्थापक डॉ. मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना है। उन्होंने आगे बताया है कि सभी बच्चों में विशिष्ट क्षमताएं विद्यमान है जरूरत है उनके सर्वांगीण विकास में बाधक कारणों की पहचान करना तथा उसे विशेष पद्धतियों द्वारा दूर कर बच्चों को सामान्य जीवन में सामेकित करनाराजीव कुमार, महासचिव, जे० एम० इंस्टीच्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग तथा प्रबंध निदेशक, आर० डी० जे० एम० मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल ने संस्थान की विभिन्न परियोजनाओं एवं विशेष सेवाओं के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा डिप्लोमा, डिग्री एवं विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से दिव्यांगजन एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास एवं शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
इसके अंतर्गत ऑडियोलॉजी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षा, क्लिनिकल साइकोलॉजी तथा रिहैबिलिटेशन सेवाओं से संबंधित स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे विद्यार्थियों एवं आमजन को व्यापक लाभ प्राप्त हो रहा है।
संस्थान के निदेशक डॉ. सुमन्यू भारद्वाज ने इस संस्थान में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं एवं सेवाओं तथा प्रायोजक संस्थानों यथा आर० डी० जे० एम० मेडिकल कॉलेज & हॉस्पिटल तथा जे० एम० इंन्स्टीच्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग के विषय में विस्तार से उल्लेख किया। इस अवसर पर संस्थान के सभी पुनर्वास विशेषज्ञ, चिकित्सक एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे तथा सवों ने उद्घाटन समारोह के अवसर पर लोगों के उत्साह का स्वागत किया। समारोह में शहर के कई नामी एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक गण तथा समाजसेवी एवं व्यवसायी एवं गणमान्य नागरिक सुजाता सिंह, डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, डॉ. कुमार अजय सिंह, सूर्य विजय प्रधान, आदित्य विजय प्रधान इत्यादि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं आगंतुकों ने केंद्र का अवलोकन किया तथा संस्थान की आधुनिक सुविधाओं एवं सेवाओं की सराहना की।
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