पटना , मार्च 17 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने घरेलू और व्यावसायिक रसोई गैस की कमी के लिए केंद्र की जनविरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए और कथित कालाबाजारी के विरोध में मंगलवार को राजधानी पटना में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुतले फूंके।

राजद के प्रदेश मुख्यालय से आज एक जुलूस निकाला गया, जो वीरचंद पटेल पथ होते हुए आयकर गोलंबर तक गया। प्रदर्शनकारियों ने महंगाई और गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान राजद कार्यकर्ताओं, विशेषकर पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुतले जलाए।

यह मार्च राजद के महिला प्रकोष्ठ के साथ पटना जिला, महानगर और छात्र इकाइयों ने आयोजित किया था।

इस प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री कांती सिंह, प्रदेश महासचिव रणविजय साहू, प्रवक्ता उर्मिला ठाकुर और एजाज अहमद, विधायक शंकर यादव तथा महिला प्रकोष्ठ की नेता अनीता भारती और मधु मंजरी शामिल थीं।

सभा को संबोधित करते हुए कांती सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों ने महिलाओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की बढ़ती कीमतों और कमी ने घरों, छात्रों और कामकाजी लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और कई लोग रसोई गैस खरीदने में असमर्थ हो रहे हैं।

राजद नेताओं ने सरकार पर गरीबों, युवाओं और छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया और चेतावनी दी कि जब तक राहत नहीं दी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

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