उडुपी (कर्नाटक) , अप्रैल 07 -- कर्नाटक में एलपीजी सिलेंडर की एक सामान्य डिलीवरी एक असाधारण बचाव अभियान में बदल गयी। यहां एक ओटीपी न मिलने से पैदा हुए संदेह ने अंततः एक ऐसे बुजुर्ग की जान बचा ली, जो तीन दिनों से कुएं के भीतर फंसा हुआ था।

उडुपी में श्रीनिवास आचार्य के घर पर डिलीवरी की पुष्टि न हो पाना खतरे की घंटी बन गया। जब गैस एजेंसी ने बताया कि ओटीपी देने के लिए घर पर कोई उपलब्ध नहीं है, तो एक परिचित को कुछ अनहोनी का आभास हुआ। यही वह शक था, जिसने जल्द ही एक जानलेवा स्थिति का खुलासा कर दिया।

वह तुरंत आचार्य के घर पहुंचे और परिसर की तलाशी शुरू की। उन्होंने जो देखा वह चौंकाने वाला था। 62 वर्षीय श्रीनिवास आचार्य 20 फीट गहरे कुएं के अंदर गिरे हुए थे। तीन दिनों तक बिना भोजन और सहायता के रहने के कारण वे इतने कमजोर हो चुके थे कि पुकार भी नहीं सकते थे। आचार्य की यह मुसीबत तब शुरू हुई, जब पानी निकालते समय रस्सी टूट गयी और वे अचानक कुएं में गिर गये। कई दिनों तक किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी और वे वहीं फंसे रहे। उनकी जिंदगी एक धागे से लटकी थी, जब तक कि एलपीजी डिलीवरी के उस ओटीपी ने बचाव का रास्ता नहीं खोल दिया।

आचार्य की शारीरिक हालत बेहद नाजुक होने के कारण स्थानीय लोग उन्हें बाहर निकालने में असमर्थ रहे। इसके बाद दमकल विभाग को सूचित किया गया। एक त्वरित अभियान चलाकर, बचावकर्मी कुएं में उतरे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

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