नयी दिल्ली , जुलाई 24 -- केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर श्री बिट्टू का इस्तीफा तुरंत मंजूर कर लिया है।

गौरतलब है कि श्री बिट्टू जून में ही राज्यसभा सदस्य नहीं रहे थे, जिसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।

सूत्रों के मुताबिक, पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू अब राज्य की राजनीति में लौटने और अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। पंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार है और भाजपा वहां अपना जनाधार बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां कर रही है, जिसमें श्री बिट्टू की अहम भूमिका मानी जा रही है।

पंजाब की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा श्री बिट्टू एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आते हैं। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी अगस्त 1995 में चंडीगढ़ सचिवालय में आतंकवादियों ने बम धमाके में हत्या कर दी थी।

भाजपा में शामिल होने से पहले श्री बिट्टू लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और कई बार लोकसभा सांसद चुने गये। वह 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए थे और बाद में उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था।

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