पटना , अप्रैल 01 -- खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से "रबी विपणन मौसम- 2026-27" में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस ) के तहत मसूर अधिप्राप्ति के लिए विस्तृत कार्य योजना एवं मार्गदर्शिका जारी कर दी गई है, जिसके अंतर्गत राज्य में मसूर की अधिप्राप्ति 10 अप्रैल, 2026 से प्रारंभ होकर 31 मई, 2026 तक संचालित की जाएगी। राज्य सरकार को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से मसूर अधिप्राप्ति की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद रबी विपणन मौसम,2026-27 में 32,000 मीट्रिक टन का सांकेतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वर्ष मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा 7000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
राज्य में मसूर की अधिप्राप्ति कृषि विभाग के पोर्टल पर निबंधित तथा सहकारिता विभाग के पोर्टल पर आवेदन करने वाले राज्य के किसानों से सहकारिता विभाग के नियंत्रणाधीन पैक्स एवं व्यापार मंडलों के माध्यम से स्थापित क्रय केंद्रों से की जाएगी।अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी डेटा को रियल टाइम अपलोड किया जाएगा।
किसानों को उनकी उपज का भुगतान बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम द्वारा सत्यापन के उपरांत 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।
प्रत्येक किसान से अधिकतम 40 क्विंटल मसूर की अधिप्राप्ति की सीमा निर्धारित की गई है।
मसूर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये केन्द्रीय अभिकरण भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफेड) एवं भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता संघ मर्यादित (एनसीसीएफ) की ओर से प्रत्येक क्रय केंद्र पर गुणवत्ता नियंत्रकों की प्रतिनियुक्ति की जा रही है।
सभी जिलों में मसूर अधिप्राप्ति कार्य के प्रभावी संचालन के लिये जिला सहकारिता पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है, जबकि जिला पदाधिकारी को संपूर्ण कार्य के पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से अधिप्राप्ति कराना सुनिश्चित करें।
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