अगरतला , मई 23 -- त्रिपुरा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य में ऑयल पाम की खेती के विस्तार की समीक्षा की।

श्री नाथ ने उनाकोटी, धलाई और उत्तरी त्रिपुरा जिलों में ऑयल पाम की खेती की परियोजनाओं की विस्तार योजना का खुलासा किया, जिनका प्रबंधन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि चाय बागानों में ऑयल पाम की खेती ने उत्साहजनक परिणाम दिखाए हैं और इससे न तो चाय के पौधों पर और न ही ऑयल पाम की फसलों पर कोई बुरा असर पड़ा है।

उन्होंने राज्य भर के चाय बागानों में ऑयल पाम के बागानों का और विस्तार करने में भी रुचि व्यक्त की। टीम ने मंत्री को नलकाटा में प्रस्तावित अनुसंधान और विकास केंद्र के बारे में जानकारी दी, जिस पर वर्तमान में काम चल रहा है, साथ ही त्रिपुरा में एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने की योजनाओं के बारे में भी बताया।

यह प्रस्तावित केंद्र पूरे देश के किसानों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए एक सीखने और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगा। प्रतिनिधिमंडल ने इस परियोजना के लिए राज्य सरकार से भूमि आवंटन का भी अनुरोध किया।

बैठक के दौरान नलकाटा में ऑयल पाम प्रसंस्करण मिल की स्थापना, प्रोजेनी परीक्षण एवं बीज उद्यान विकास, ऑयल पाम खेती के लिए उर्वरक आवंटन तथा चाय बागानों और सरकारी बागानों में ऑयल पाम वृक्षारोपण के विस्तार की संभावनाओं जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।

मंत्री ने चर्चाओं के बाद प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया और संबंधित अधिकारियों को त्रिपुरा में ऑयल पाम की खेती की परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन और विस्तार के लिए सभी संभावित तरीकों का पता लगाने का निर्देश दिया।

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