मुंबई , अक्टूबर 29 -- ॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर, निर्देशक नितेश तिवारी, अभिनेता रवि दुबे और निर्माता नमित मल्होत्रा ने रामायण के शाश्वत मूल्यों पर देशभर के विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद किया। जियोहॉटस्टार ने नमित मल्होत्रा की फिल्म 'रामायण' और इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) के सहयोग से 'हर युग में राम: युवा नेतृत्वकर्ताओं के साथ एक संवाद' पहल आयोजित की, जिसमें 18 शहरों के 500 से अधिक स्कूलों के करीब 20 हजार विद्यार्थी शामिल हुए।

मुंबई स्थित आईआईएमयूएन के मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 150 विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे, जबकि देशभर के विभिन्न स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को रामायण के मूल्यों और पात्रों से जोड़ना तथा वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा करना था।

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने रामायण के नायक, भगवान राम से सवाल पूछने का अवसर मिलने पर अपनी जिज्ञासाओं, पसंदीदा पात्रों और राम, सीता तथा लक्ष्मण की यात्राओं से जुड़े सवाल उठाए। चर्चा में प्रेम, मित्रता, कर्तव्य, साहस, क्षमा और त्याग जैसे मूल्यों पर विचार साझा किए गए। विद्यार्थियों ने रामायण के पात्रों के फैसलों और रिश्तों को अपने नजरिए से समझने का प्रयास किया।

फिल्म 'रामायण: पार्ट वन' में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर ने कहा, "राम की कहानी पीढ़ियों से हमारे जीवन का हिस्सा रही है और उनकी भूमिका निभाना मेरे लिए बेहद विनम्र और भावपूर्ण अनुभव रहा है। इस संवाद को खास बनाने वाली बात यह थी कि मुझे यह सुनने का मौका मिला कि युवा अपने नजरिए से उनकी कहानी को किस तरह देखते और समझते हैं। इससे मुझे एक बार फिर महसूस हुआ कि हर पीढ़ी राम से अलग तरीके से जुड़ सकती है, लेकिन उनकी यात्रा में कुछ ऐसा जरूर पाती है, जो बेहद अपना और जाना-पहचाना लगता है।"निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि रामायण ने पीढ़ियों से लोगों को ऐसी कहानियां, मूल्य और सीख दी हैं, जो आज भी मार्गदर्शन करती हैं। उन्होंने कहा कि इस महाकाव्य को बड़े पर्दे पर लाने के साथ यह भी जरूरी है कि युवा इसके मूल्यों को जानें, समझें और उनसे अपना जुड़ाव महसूस करें। विद्यार्थियों की जिज्ञासा और उनके विचारों ने दिखाया कि हजारों वर्ष पुरानी यह कथा आज भी नई पीढ़ी से जुड़ी हुई है।

निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा कि रामायण की विशेषता इसके भव्य प्रसंगों के साथ पात्रों की मानवीय भावनाओं और फैसलों में भी है। उन्होंने कहा कि इस कहानी को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करते समय इसकी भावनात्मक सच्चाई बनाए रखना महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को पात्रों के फैसलों पर विचार करते और उनकी व्याख्या करते देखना इस कथा की प्रासंगिकता को दर्शाता है।

फिल्म में लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे रवि दुबे ने कहा कि इस किरदार ने उन्हें निष्ठा, प्रेम और कर्तव्य के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को समझने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन रिश्तों और फैसलों को अपने अनुभवों के नजरिए से देखते हुए सुनना उनके लिए खास अनुभव रहा।

'हर युग में राम' जियोहॉटस्टार, 'रामायण' के निर्माताओं और आईआईएमयूएन की संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत और उसके शाश्वत मूल्यों पर विभिन्न पीढ़ियों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है। इस विशेष कार्यक्रम का प्रसारण एक नवंबर से केवल जियोहॉटस्टार पर होगा।

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