भरतपुर , अक्टूबर 06 -- केरलम् के बाद संभवत: देश में पहली बार राजस्थान के सवाईमाधोपुर में रणथंभौर बाघ अभयारण्य के दायरे में वन्यजीव निगरानी उपकरण और उच्च क्षमता के संवेदक का परीक्षण शुरू किया गया है।
वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाघ अभयारण्य में आबादी वाले इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती दखल के बाद वन विभाग सजग हो गया है। इन उपकरणों के जरिए आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने वाले जंगली जानवरों की गतिविधि दिखने पर चेतावनी उपकरण ग्रामीणों को सतर्क करेगा।
इस उपकरण की आवाज इतनी तेज होगी जो सैकड़ों मीटर दूर तक सुनाई देगी, जिससे ग्रामीणों को संभलने का मौका मिलेगा, साथ ही तेंदुआ भी आवाज सुनकर भाग जाएगा।
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