भरतपुर , मई 08 -- मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकल कर राजस्थान में सवाईमाधोपुर के रणथंभौर बाघ अभयारण्य में बाघ के प्रभुत्व वाले क्षेत्र में पहुंचे चीता केपी-2 को लेकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दल शुक्रवार काे सुबह रवाना हो गया।
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि बाघ अभयारण्य काला कुंआ क्षेत्र में उसे बेहोश करने की कार्रवाई के दौरान कूनो राष्ट्रीय उद्यान दल के साथ बाघ अभयारण्य के वन अधिकारियों एवं वन्यजीव विशेषज्ञों का पूरा दल मौजूद रहा। चीता केपी-2 की लगातार निगरानी के दौरान आज क्षेत्र में ठंडे मौसम को देखते हुए उसे बेहोश करने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों ने बताया कि चीता केपी-2 को बेहोश करने के बाद कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दल उसे लेकर मध्यप्रदेश ले लिए रवाना हो गया, जहां उसे वापस कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा जाएगा। रणथंभौर बाघ अभयारण्य के बाघ के प्रभुत्व वाले क्षेत्र में चीता द्वारा बिना किसी संघर्ष के 22 दिनों तक विचरण करने के मामले को वन विभाग ने वन्यजीव इतिहास में पहली आश्चर्यजनक एवं अविश्वसनीय घटना बताया है।
चीता केपी-2 के पिछले 20-22 दिनों तक वन क्षेत्र के अलावा रणथंभौर बाघ अभयारण्य के रिहायशी इलाकों, चंबल नदी के किनारे भटकने से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। चीता करीब 22 दिन पहले कोटा जिले के बूंदी क्षेत्र के रास्ते रणथम्भौर पहुंच गया था।
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