बैतूल , जुलाई 29 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिला पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री की सत्यापित प्रति (नकल) जारी करने के नाम पर निर्धारित शासकीय शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि 300 रुपये के निर्धारित शुल्क के स्थान पर आवेदकों से 1500 रुपये तक लिए जा रहे हैं। जिला पंजीयक ने आरोपों की पुष्टि नहीं करते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार नकल शाखा में पदस्थ नियमित कर्मचारी के अवकाश पर रहने के दौरान एक अस्थायी कर्मचारी आवेदकों से निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त विभिन्न मदों के नाम पर राशि वसूल रहा है। आरोप है कि सत्यापित प्रति पर हस्ताक्षर कराने, रसीद "कन्फर्म" कराने तथा पुराने अभिलेख खोजने के नाम पर अलग-अलग रकम ली जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नियमित कर्मचारी की अनुपस्थिति के दौरान एक निजी स्कूल की संचालिका को पुराने सरकारी अभिलेखों की तस्वीरें लेने की अनुमति दी गई। साथ ही अस्थायी कर्मचारी द्वारा दस्तावेजों का अनुवाद कर उनकी इबारत तैयार करने का भी दावा किया गया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा और कार्यालयीन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण सरकारी संस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जिला पंजीयक दिनेश कौशले ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसी कोई अनियमितता सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारी के बीमार रहने के कारण वह अक्सर अवकाश पर रहता है। इसके बावजूद शिकायत की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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