नयी दिल्ली , मार्च 17 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को रक्षा उत्पादन विभाग के दो दिन के राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे जिसका विषय 'एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजीज' है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के एकीकरण को मजबूत करना है, साथ ही ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्विन्स और स्मार्ट मैटेरियल्स जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा देना है।
मंत्रालय ने कहा है कि यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है और इसका उद्देश्य रक्षा उत्पादन में भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।
यह सम्मेलन एमएसएमई , स्टार्टअप, रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों , निजी रक्षा कंपनियों, नवप्रवर्तकों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी प्रदाताओं को एक साथ लाएगा, ताकि नीतिगत संवाद को बढ़ावा दिया जा सके, नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी का विस्तार किया जा सके।
यह आयोजन गैर-रक्षा क्षेत्रों के उद्योगों को भी रक्षा विनिर्माण में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करेगा, साथ ही उद्योग और अकादमिक जगत के बीच साझेदारी और संयुक्त अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देगा।
कार्यक्रम के तहत रक्षा मंत्री एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसमें उन्नत विनिर्माण तकनीकों और रक्षा नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, रक्षा विनिर्माण और नीतिगत सुधारों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी विमोचन किया जाएगा।
इस प्रदर्शनी में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी रक्षा कंपनियों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां वे एमएसएमई को साझेदार और आपूर्तिकर्ता के रूप में जोड़ने के लिए अपने कार्यक्रमों और पहलों को प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा, 24 भारतीय और विदेशी कंपनियां भी उन्नत विनिर्माण तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी।
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