पटना , जुलाई 15 -- बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बुधवार को कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र चेतना को सशक्त बनाने का प्रभावी मंच है। संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा 'वंदे मातरम् - राष्ट्रगीत सार्धशती' एवं महाकवि कालिदास जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव-2026 के अंतर्गत आज प्रेमचंद रंगशाला, पटना में एक भव्य रंगमंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली तथा कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया। कार्यक्रम में 'सात शहीद' नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक का लेखन अभिषेक चौहान तथा निर्देशन अभिषेक राज ने किया। किलकारी, बिहार बाल भवन, पटना की प्रस्तुति ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत किया। कलाकारों के सशक्त अभिनय, प्रभावी संवाद एवं उत्कृष्ट मंच संयोजन ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

इस अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि "रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र चेतना को सशक्त बनाने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे नाटक हमारी गौरवशाली विरासत, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्रीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। कला एवं संस्कृति विभाग ऐसे रचनात्मक एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।"मंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्ध रंगमंचीय परंपरा देश की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को इतिहास, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने नाटक की सराहना करते हुए कलाकारों की प्रस्तुति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने पटना के सांस्कृतिक परिवेश को एक नई ऊर्जा प्रदान की तथा राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावी संदेश दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी एवं संगीत नाटक अकादमी के सदस्य आशीष मिश्रा सहित कई गणमान्य अतिथि, रंगकर्मी, कलाकार एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

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