संयुक्त राष्ट्र , जुलाई 25 -- अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के मुख्य अभियोजक करीम खान को यौन दुराचार के आरोपों में पद से हटा दिया गया है। 125 सदस्य देशों वाले इस निकाय ने मतदान के जरिये उन्हें हटाया है । न्यायालय के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी मुख्य अभियोजक को इस तरह हटाया गया है।
गुप्त मतदान में खान को हटाने के पक्ष में 82 और विरोध में 13 मत पड़े, जबकि 15 सदस्यों ने दूरी बनाए रखी।
वर्ष 2021 में पदभार संभालने वाले ब्रिटिश बैरिस्टर करीम खान पर अपनी एक कनिष्ठ महिला सहयोगी के साथ अनुचित संबंध बनाने और फिर उसे शिकायत दर्ज कराने से रोकने के गंभीर आरोप लगे थे। अदालत के निगरानी निकाय 'असेंबली ऑफ स्टेट्स पार्टीज' ने जून में अपनी जांच के आधार पर इसे "गंभीर दुराचार और कर्तव्य का उल्लंघन" माना था।
इससे पहले सत्र की शुरुआत में सीरिया लियोन का वह प्रस्ताव खारिज हो गया, जो खान को हटाने की प्रक्रिया को कठिन बना सकता था। इसके बाद राजनयिकों ने निर्धारित समय से कई घंटे पहले ही मतदान कराकर फैसला सुना दिया।
खान पर पहली बार मई 2024 में किसी तीसरे पक्ष ने आरोप लगाया था। शुरुआती जांच पीड़ित महिला के इनकार के बाद बंद हो गई थी, लेकिन अक्टूबर 2024 में मामला दोबारा खुलने पर जांच संयुक्त राष्ट्र के आंतरिक निगरानी सेवा कार्यालय (ओआईओएस) को सौंपी गयी। नवंबर 2024 से दिसंबर 2025 तक चली इस जांच में 5,000 से अधिक पन्नों के सबूत और गवाहियां दर्ज की गयीं।
करीम खान इन निष्कर्षों को हालांकि लगातार खारिज करते रहे हैं। उनके वकील का कहना है कि वे उपलब्ध सभी कानूनी माध्यमों से इस फैसले को चुनौती देंगे। इन आरोपों के कारण वे मई 2025 से स्वैच्छिक अवकाश पर थे और यूके में भी 'बार स्टैंडर्ड्स बोर्ड' की जांच लंबित रहने तक उनकी वकालत पर अंतरिम रोक लगी हुई है।
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