मुंबई , मार्च 26 -- महाराष्ट्र में आम आदमी पार्टी (आप) ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राज्य प्रशासन गंभीर यौन अपराधों से जुड़े विवादों में फंसी हुई है। उसने इसके खिलाफ जनता से एकजुट होने का आह्वान किया।

'आप' की मुंबई इकाई ने सोशल मीडिया पर साझा बयान में राज्य भर के नागरिकों से साथ आने और 'इस सरकार को बर्खास्त करने' का आग्रह किया। पार्टी का दावा है कि यह सरकार 'यौन अपराधों में बुरी तरह फंसी हुई है'। इस पोस्ट में मुंबई अध्यक्ष प्रीति शर्मा मेनन का एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व की आलोचना की है।

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य सुश्री मेनन ने महाराष्ट्र के मंत्री नरहरि झिरवाल से जुड़े वायरल अश्लील वीडियो का हवाला देते हुए सवाल किया कि मुख्यमंत्री ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने टिप्पणी की कि वीडियो प्रसारित होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया है जो शासन की चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।

स्वयंभू 'धर्मगुरु' अशोक खरात, जिसे 'कैप्टन' के नाम से भी जाना जाता है, उससे जुड़े मौजूदा विवाद के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। खरात को नासिक में बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ कम से कम आठ प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें कई महिलाओं के यौन शोषण, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप शामिल हैं।

जांचकर्ताओं ने कहा है कि खरात दैवीय शक्तियों, अनुष्ठानों और नशीली दवाओं के इस्तेमाल का दावा कर पीड़ितों को जाल में फंसाता था।

इस मामले ने महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। इस कारण आरोपों की जांच करने और सरकारी अधिकारियों व उनके सहायकों के साथ संभावित संबंधों की पड़ताल के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त सभी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

विवाद के कारण महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को भी इस्तीफा देना पड़ा, जब उनके खरात के साथ संबंधों के संकेत देती तस्वीरों सामने आयीं। इसके बाद से विपक्षी दलों ने अपनी आलोचना तेज कर दी है और जवाबदेही की मांग करते हुए इसकी तुलना अन्य हाई-प्रोफाइल शोषण के मामलों से की है।

सुश्री मेनन ने इन घटनाक्रमों का उपयोग सत्तारूढ़ भाजपा पर ऐसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों को संरक्षण देने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाने के लिए किया है। उन्होंने इस मुद्दे को वर्तमान प्रशासन के तहत व्यापक शासन संबंधी चिंताओं के रूप में पेश किया है।

यह वाकयुद्ध महाराष्ट्र में राजनीतिक टकरावों की शृंखला में नवीनतम कड़ी है, जहां विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों पर अक्सर फडणवीस सरकार को निशाना बनाया है।

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