पटना , जून 21 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि योग को जीवन शैली का भाग बनाने से प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ, प्रसन्न और सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।

श्री हसनैन ने खासतौर से बढती उम्र के लोगों से कहा कि उन्हें "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" की थीम के साथ अपनी दैनिक जीवनशैली को ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक संतुलन तथा स्वस्थ एवं गरिमापूर्ण वृद्धावस्था का आधार बन सकता है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार लोक भवन में एक योग शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमे राज्यपाल सचिवालय के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने योगाभ्यास किया।

इस विशेष अवसर पर संन्यासी धर्मविजय, सुश्री परिनीता सिन्हा, सुश्री यशोधरा, हर्षित कुमार, यशराज एवं राहुल कुमार ने भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान आदि का अभ्यास कराया।

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने नियमित योगाभ्यास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायायाम नही है, बल्कि यह मन, शरीर और श्वास के समन्वय की एक समग्र प्रक्रिया है। उन्होंने मुंगेर योग विद्यालय के परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती द्वारा निर्दिष्ट कुछ यौगिक क्रियाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे शरीर के सभी अंगों का प्रभावी व्यायाम हो जाता है तथा इन्हें कम समय में भी किया जा सकता है। उन्होंने स्वामी जी द्वारा बताई गई 'रात्रि समीक्षा' क्रिया को ध्यानपूर्वक करने की सलाह देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या का समापन इसी के साथ करना चाहिए।

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