अलवर , मई 16 -- राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा है कि जब पूरे देश में प्राकृतिक चिकित्सा का डंका बज रहा है, तक सरकार ने योग शिक्षकों को हटाने का फरमान जारी कर दिया है।
श्री जूली ने शनिवार को अलवर में प्रेस वार्ता में कहा कि 21 जून को विश्व योग दिवस पर बड़े-बड़े विज्ञापनों की भरमार करने वाली यह सरकार आखिर ऐसे फरमान जारी करके क्या संदेश देना चाहती है। पिछले करीब आठ वर्षों से सेवाएं दे रहे प्रशिक्षित योग शिक्षकों को हटाना न्यायोचित नहीं है; यह उनके रोजगार और स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ खिलवाड़ जैसा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी जी योग का डंका पीटते रहते हैं और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योग जैसी वैज्ञानिक और विशेष विधा को बिना प्रशिक्षित लोगों के भरोसे छोड़कर "योग को छोड़ने" का काम कर रहे हैं। लगता है अब मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के ही अभियानों को कमजोर करने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार रोजगार देने के बड़े-बड़े झूठे दावे करती है, दूसरी तरफ पहले से कार्यरत युवाओं को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष रोजगार देने का दम भरने वाली सरकार जो रोजगार पर है उन्हें ही घर बैठाने की तैयारी में जुटी हुई है।
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