चम्पावत , जून 16 -- उत्तराखण्ड के सीमांत जनपद चम्पावत को अब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख योग एवं वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना के अनुरूप आदर्श जनपद के रूप में विकसित किए जा रहे चम्पावत में योग को पर्यटन, संस्कृति, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़ते हुए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई योजना के तहत आगामी 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जिले में "जन-जन योग, घर-घर योग" अभियान की शुरुआत होगी। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। कार्यक्रम में योग विशेषज्ञों, विद्वानों, स्थानीय नागरिकों तथा सेना के जवानों की भी सहभागिता रहेगी।
चम्पावत की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत को देखते हुए इसे योग केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद की तपोस्थली रहे इस क्षेत्र और लोहाघाट स्थित अद्वैत आश्रम की वैश्विक पहचान को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। वहीं, प्रस्तावित शारदा कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजनाओं में भी योग और वेलनेस गतिविधियों को प्रमुख स्थान दिया गया है।
अभियान के तहत जिले के गांवों तक योग को पहुंचाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 'योग सखी दीदी' पहल शुरू की जाएगी। इसके अंतर्गत स्थानीय महिलाओं को योग का विशेष प्रशिक्षण देकर वेलनेस सेंटरों, होटलों, रिसॉर्ट्स और होम-स्टे में योग प्रशिक्षक के रूप में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार का मानना है कि यह पहल चम्पावत को स्वास्थ्य, अध्यात्म और प्राकृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार भी खोलेगी। योग आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलने से जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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