ऋषिकेश , जून 14 -- उत्तराखंड में ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा है कि योग करो, रोज करो, मौज करो।

स्वामी चिदानन्द ने कहा कि योग, केवल अभ्यास नहीं, यह भारत की आत्मा का जागृत स्वर है। यह वह दिव्य विज्ञान है जो मनुष्य को शरीर से ऊपर उठाकर चेतना की ऊँचाइयों तक ले जाता है। माँ गंगा की तरह योग भी हमें निरंतर प्रवाह के साथ जीने का संदेश देता है।

इस दौरान परमार्थ निकेतन की अंतरराष्ट्रीय निदेशक डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती, योग साधकों, आध्यात्मिक गुरुओं, सरकारी अधिकारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने योगाभ्यास में भाग लेकर स्वास्थ्य, सामंजस्य एवं समग्र कल्याण का संदेश दिया।

कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन परमार्थ निकेतन द्वारा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय आयुष मिशन उत्तराखण्ड तथा इंडियन योगा एसोसिएशन के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रमुख योग संस्थानों, सरकारी विभागों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मिलकर समग्र स्वास्थ्य तथा कल्याण को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।

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