, July 29 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन की पावन धारा में हर मत, संप्रदाय को संरक्षण मिलता है। इसमें कुछ विषधर आकर इसे डंसने का प्रयास करते हैं। हमें सनातन संस्कृति व परंपरा पर आघात कर भारत को अस्थिर करने वाले प्रयासों के खिलाफ जागरूक होना होगा। इसमें सिर्फ स्कूली शिक्षक ही नहीं बल्कि गुरु के रूप में रहने वाले हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
योगी ने कहा कि इस देश में कई सारे लोग पश्चिम की हवा में बह गए हैं। वे दुर्गा पूजा में राक्षस चण्ड मुण्ड की पूजा करेंगे। जेएनयू में उन्हें महिमामंडित करने का प्रयास करेंगे। सनातन पर्वों के आयोजनों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों के लिए हजारों वर्ष पुरानी श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता सबक है। रावण हो या बालि, दोंनो ने ही मातृशक्ति का अपमान किया था और बदले में उन्हें मौत मिली थी। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति और मातृभूमि का अपमान करने वाले कठोर दंड के ही पात्र हैं।
गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 23 जुलाई से चल रही श्रीरामकथा का विश्राम व्यासपीठ पर विराजमान श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की आरती के साथ हुई। सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरती उतारी। उन्होंने कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज के प्रति आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन से पूर्व लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने गुरु की महिमा पर एक कर्णप्रिय भजन सुनाया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत मिथिलेशनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, समेत कई साधु-संत, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रबुद्धजन व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
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