लखनऊ , मई 27 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसी विजन के तहत राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट गंगा' जल्द 'लाइव' होने जा रही है। परियोजना से जुड़े लगभग सभी प्रमुख मील के पत्थर पूरे हो चुके हैं और जमीन पर क्रियान्वयन की तैयारी अंतिम चरण में है।

सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार गांवों-कस्बों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट गंगा का उद्देश्य गांवों और छोटे शहरों तक आधुनिक डिजिटल सेवाएं पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र सीधे हाई-स्पीड इंटरनेट और नई तकनीकों से जुड़ सकें। परियोजना के तहत ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, मुफ्त पब्लिक वाई-फाई, साइबर सुरक्षा समाधान, आईपीटीवी और डिजिटल सेवाओं का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।

दिसंबर 2025 में विभिन्न सरकारी विभागों और हितधारकों के साथ रणनीतिक चर्चा हुई। जनवरी 2026 में कांसेप्ट नोट साझा किया गया और 9 मार्च 2026 को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद मीडिया आउटरीच, अंतिम डीपीआर तैयार करना और एमएसएमई विभाग के माध्यम से जिलाधिकारियों को पत्र जारी करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। अप्रैल 2026 तक बैंकिंग पार्टनर्स के साथ वित्तीय सहयोग को लेकर रणनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई, जिससे परियोजना 'लाइव' होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

प्रोजेक्ट गंगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और उन्नत डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल सेवा प्रदाता नेटवर्क बनाया जाएगा। इसके जरिए घरों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, पब्लिक वाई-फाई और ओटी प्लेटफॉर्म की सुविधा मिलेगी।

परियोजना में ग्रामीण युवाओं को डिजिटल रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर है। फ्रीलांसिंग सपोर्ट, रिमोट वर्क के अवसर, ऑनलाइन व्यावसायिक प्रशिक्षण और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इससे गांवों में रहने वाले युवाओं को भी बड़े शहरों जैसी डिजिटल संभावनाओं का लाभ मिलेगा।

सरकार का मानना है कि यह परियोजना ग्रामीण उत्तर प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा देगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। डिजिटल कनेक्टिविटी को भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए योगी सरकार 'कनेक्टेड विलेज, समृद्ध यूपी' के विजन को मजबूत आधार देने की तैयारी में है। सरकार का प्रयास है कि डिजिटल सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभरे।

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