, Sept. 5 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए टीचर, टैलेंट और ट्रांसफॉर्मेशन जोड़ा गया। इस ट्रिपल टी में शिक्षक का सम्मान है, विद्यार्थी की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है विद्यालयों संसाधनों की उपलब्धता पर ध्यान है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार और अनुदेशकों का 17 हजार रुपये कर दिया है। साथ ही पांच लाख रुपये कैशलेस की स्वास्थ्य की सुविधा भी दी गई है। सामाजिक सुरक्षा की भी गारंटी उनको उपलब्ध करवाई गई। बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा से जुड़े हुए सभी शिक्षकों, शिक्षणोत्तर कर्मचारियों, सबको उनके परिवार सहित 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था उपलब्ध करवाने का काम किया गया। पहली बार सोशल सिक्योरिटी की गारंटी भी इसके साथ दी गई है। ये व्यवस्थाएं शिक्षक के सम्मान में हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान हमारे लिए केवल मानदेय बढ़ाने का मुद्दा नहीं था। बल्कि हमारा मानना है कि गांव के बच्चे के भविष्य के साथ जिसे खड़ा रहना है, पहले उसका स्वयं का सम्मान होना चाहिए। कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि जो पहले 10000 थी, इसको बढ़ाकर 25000 रुपये किया गया। सेवा से जुड़े हुए मामले में पारदर्शिता के लिए ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट पोर्टल विकसित किया गया। अब शिक्षक की समस्या फाइलों में कैद नहीं होगी। उसका समयबद्ध समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनेक कार्य किए गए। इसके लिए सरकार के स्तर पर ऑपरेशन कायाकल्प से लेकर के निपुण भारत अभियान ये सभी कार्यक्रम व्यवस्थित रूप से आगे बढ़े। सीएम ने कहा कि अब केवल दूसरी क्लास में निपुण भारत अभियान नहीं चलेगा, बल्कि पांचवी क्लास तक चलेगा और उसके बहुत अच्छे परिणाम आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले विद्यालय, नकल के अड्डे बन गए थे। ठेके चलते थे। दूर-दराज के, दूसरे राज्यों के छात्र यहां पर परीक्षा देने के लिए आते थे। परीक्षा देने के नाम पर ठेका होता था। 2017 के बाद ऐसे विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनने दिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में आए बदलाव की विस्तार से चर्चा की। बताया कि अकेले माध्यमिक शिक्षा में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पुराने और जर्जर विद्यालय भवनों की जगह नए भवन बनाने के लिए उपलब्ध करवाए गए। इससे 2100 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों के अच्छे भवन आज सामने दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह पहले चरण में हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय बनवाए जा रहे हैं। प्रयास है कि यह स्कीम हर तहसील स्तर पर जाए। इसका मॉडल अटल आवासीय विद्यालय की तर्ज पर ये डे स्कूल के रूप में होगा जहां पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चे एक इंटीग्रेटेड कैंपस में पढ़ पाएंगे। यह शिक्षा की गुणवत्ता का एक अद्भुत मॉडल होगा। उन्होंने कहा कि यूपी के स्कूलों में आज स्मार्ट क्लास है, डिजिटल लाइब्रेरी है, बालक-बालिकाओं के लिए सेपरेट टॉयलेट हैं, पेयजल की व्यवस्था है, भरपूर बिजली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 32000 से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15000 से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब, 1129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और 261000 से अधिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध करवाए गए हैं।सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मॉडल आज पूरा देश देख रहा है। उत्तर प्रदेश का परिवर्तन पूरा देश महसूस कर रहा है। इसीलिए, हम लोगों ने तय किया है, शिक्षा का यह मॉडल मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। सीएम ने बताया कि क्लीन एंड ग्रीन स्कूल बनाने की दिशा में हुए प्रयास से वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश के 12 विद्यालयों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने बाल वाटिका के स्तर से ही शिक्षा को मजबूत बनाने के प्रयास का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस देश का बचपन स्वस्थ है, उस देश का भविष्य अपने आप सशक्त और समर्थ बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों में 21वीं सदी के स्किल्स डिजिटल लिट्रेसी और इनोवेशन के एप्रोच विकसित करने की दिशा में रोबोटिक्स, थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे एडवांस टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग के लिए हमारे विद्यालय तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां स्मार्ट क्लास पहुंची है, वहां शहर और गांव का भेद समाप्त हुआ है। जहां डिजिटल लाइब्रेरी पहुंची है, वहां गरीब और अमीर का भेद समाप्त हुआ है। भेदभाव समाप्त करने के लिए टेक्नोलॉजी सबसे सरल माध्यम है।

उन्होने माध्यमिक शिक्षा में हुए परिवर्तन की चर्चा भी की और कहा कि 56 लाख बच्चे माध्यमिक शिक्षा में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में बैठते हैं। 2017 के पहले 3 महीने परीक्षा चलती थी और 3 महीना लगता था परिणाम आने में भी। इस देरी से यूपी के बच्चे यूपी के बाहर कहीं प्रवेश नहीं ले पाते थे। आज समय पर परीक्षा होती है और समय पर ही परिणाम भी आता है।

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