, April 6 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष हिन्दी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 200 वर्ष पहले हिन्दी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकता से हुई थी। 30 मई 1826 को जुगुल किशोर शुक्ल ने हिन्दी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारम्भ किया था जब उन्होंने पत्र निकाला तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रूके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।

योगी ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है तब एक मजबूत जन विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जनविश्वास का प्रतीक बनती है उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है।

उन्होने स्वतंत्रता आंदोलन और देश सेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया साथ ही बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ष्स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जनमानस में संचार किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने के पश्चात प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की सत्यमेव जयते सूक्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। यह शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाये रखना है क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित हैए जहां सत्य की विजय निश्चित है का भाव समाहित है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपराध व अपराधियों तथा भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को निरंतर जारी रखा है। समाज के प्रत्येक वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओ का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई है। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।

योगी ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई। इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था। विगत वर्ष भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों को शपथ समारोह में शामिल होने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

उन्होने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना में यूनाइटेड न्यूज आफ इंडिया / यूनीवार्ता के गोरखपुर के प्रभारी रहे कृपाशंकर पान्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही और एसपी त्रिपाठी तथा अरविन्द शुक्ला ने भी मुख्य रूप से काफी सहयोग रहा।

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