लखनऊ , अप्रैल 15 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पत्र लिखकर सहयोग की अपील की है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन भारतीय लोकतंत्र को अधिक समावेशी, संतुलित और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और युगांतकारी पहल है।
श्री योगी ने अपने पत्र में कहा कि आजादी के अमृतकाल में ''नया भारत'' समावेशी और न्यायपूर्ण राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें हर वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति इस संकल्प का एक महत्वपूर्ण आधार है और महिला आरक्षण कानून इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
श्री योगी ने कहा कि दशकों से संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण पर व्यापक विमर्श होता रहा है, लेकिन वर्ष 2023 में इस कानून का लागू होना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और सामाजिक न्याय के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से संसद के दोनों सदनों में इस कानून पर चर्चा प्रस्तावित है, जो 2029 के लोकसभा चुनाव से इसके प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगी। इससे न केवल महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को संस्थागत मजबूती मिलेगी, बल्कि शासन-व्यवस्था में नया दृष्टिकोण, अधिक संवेदनशीलता और व्यापक प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण का मुद्दा किसी एक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के अधिकारों और भविष्य से जुड़ा विषय है।
उन्होंने इसे सभी राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण कसौटी बताते हुए कहा कि इससे यह तय होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों को कैसा लोकतंत्र सौंपना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण कानून को लेकर सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि ''नारी शक्ति वंदन अधिनियम'' को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संसद में व्यापक और सार्थक चर्चा आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को संबोधित करते हुए आग्रह किया कि उनकी पार्टी इस महत्वपूर्ण विषय पर गहन विचार-विमर्श करते हुए संसद के दोनों सदनों में प्रस्तावित संशोधनों के समर्थन में रचनात्मक भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि अधिकाधिक सांसदों की भागीदारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बन सके।
श्री योगी ने विश्वास जताया कि सभी राजनीतिक दल लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बल पर इस कानून को उसकी मूल भावना के अनुरूप सफलतापूर्वक लागू करने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून पारित होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में समानता, सहभागिता और न्याय के नए आयाम स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त, संतुलित और न्यायपूर्ण भारत की आधारशिला रखेगी।
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