लखनऊ , फरवरी 20 -- उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की आर्थिक उपलब्धियों और विकास योजनाओं को विस्तार से रखा। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला।

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें शिवपाल सिंह यादव का "श्राप" न लगे। साथ ही उन्होंने लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए सदन के सभी सदस्यों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार कोई मुख्यमंत्री दसवीं बार बजट पेश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार कर्ज के अनुपात को घटाकर 27 प्रतिशत से 23 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

राज्य की आय में बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकारी आय लगभग 43 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भारत तभी विकसित होगा, जब उसके राज्य विकसित होंगे और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले उत्तर प्रदेश को देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन अब प्रदेश देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि वर्ष 2026-27 तक प्रदेश की जीडीपी 40 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचाई जाएगी।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश की छवि इतनी खराब हो गई थी कि बाहर से आने वाले लोगों को होटल में कमरे तक नहीं मिलते थे। लेकिन आज उत्तर प्रदेश के लोगों को देशभर में सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जब उनकी सरकार बनी, तब किसानों की कर्ज माफी की घोषणा के बावजूद कहीं से आर्थिक सहयोग नहीं मिल रहा था, क्योंकि प्रदेश की छवि खराब थी।

उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश का खजाना खाली था, लेकिन सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर और सरकारी धन के लीकेज को रोककर वित्तीय स्थिति सुधारी।

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