ब्रुसेल्स , जून 16 -- यूरोपीय संसद ने अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए व्यापार समझौते को लागू करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क में रियायत देने संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
स्ट्रासबर्ग में आयोजित यूरोपीय संसद के पूर्ण अधिवेशन में सांसदों ने ईयू-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत ईयू की शुल्क संबंधी प्रतिबद्धताओं को लागू करने वाले दो विधेयकों को भारी बहुमत से पारित कर दिया।
अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क हटाने तथा समुद्री खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला को यूरोपीय बाजार में प्राथमिकता देने वाले प्रस्ताव के पक्ष में 440 मत पड़े, जबकि 151 सांसदों ने विरोध किया और 50 सदस्य मतदान से दूर रहे।
समझौते को लेकर सबसे अधिक विवाद अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधानों को लेकर था। अंततः इन्हें पारस्परिक शर्तों से जोड़ा गया, जिनमें अमेरिका द्वारा यूरोपीय निर्यात पर 15 प्रतिशत का आधारभूत शुल्क लागू करना भी शामिल है।
पिछले महीने स्ट्रासबर्ग में हुए राजनीतिक समझौते के तहत यूरोपीय आयोग को यह अधिकार दिया गया था कि यदि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता है तो वह इस व्यवस्था को निलंबित कर सकेगा। विशेष रूप से यदि अमेरिका इस्पात और एल्युमीनियम पर 15 प्रतिशत से अधिक शुल्क बनाए रखता है या नए व्यापारिक प्रतिबंध लगाता है तो ईयू जवाबी कदम उठा सकेगा।
यूरोपीय व्यापार आयुक्त मारोश शेफचोविच ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे यह साबित होता है कि यूरोपीय संघ अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। विधेयक में 'सनसेट क्लॉज' भी शामिल किया गया है, जिसके तहत यह व्यवस्था केवल दिसंबर 2029 तक प्रभावी रहेगी। इसकी अवधि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वर्तमान कार्यकाल के साथ समाप्त होगी।
इस प्रगति के बावजूद दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मतदान से कुछ दिन पहले ही श्री ट्रंप ने फ्रांस की तीन प्रतिशत डिजिटल सेवा कर नीति का हवाला देते हुए फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर नये शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी।
यूरोपीय संसद की अंतरराष्ट्रीय व्यापार समिति के अध्यक्ष और अमेरिका मामलों के स्थायी रिपोर्टर बर्न्ड लैंगे ने कहा कि संसद ने वार्ता के दौरान अपने रुख पर मजबूती से कायम रहकर यूरोपीय कारोबार और नागरिकों के हितों की बेहतर रक्षा सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए संयुक्त बयान में की गई यूरोपीय संघ की प्रतिबद्धताओं को कानूनी रूप दिया गया है और यह ईयू के व्यापारिक सुरक्षा तंत्र का हिस्सा बन गया है। इससे अमेरिका के वादों से पीछे हटने की स्थिति में यूरोपीय संघ को जवाबी कार्रवाई का अधिकार मिलेगा।
यूरोपीय संसद और परिषद ने एक सुरक्षा तंत्र पर भी सहमति जताई है। इसके तहत यदि अमेरिकी उत्पादों के आयात में बढ़ोतरी से यूरोपीय उद्योग को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा होता है तो यूरोपीय आयोग जांच शुरू कर सकेगा।
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