लखनऊ , मार्च 29 -- उत्तर प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार महिलाओं को गन्ना उत्पादन के क्षेत्र से जोड़ने जा रही है। इसके लिए गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल के तहत अब महिला स्वयं सहायता समूह गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 47.5 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं, जिनमें लगभग 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं। वहीं, 57 हजार से अधिक महिलाएं 3,000 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्नत किस्मों की पौध तैयार कर रही हैं।
इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कार्यों जैसे गुड़ निर्माण, जैविक उत्पाद तैयार करना और प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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